मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि नागरिकों को लोक सेवाएँ सरलता से समय-सीमा में उपलब्ध कराने की राज्य सरकार ने गारंटी दी है। इसी उद्देश्य से सीएम जनसेवा और मोबाइल गवर्नेंस सेवाओं को विस्तार दिया जा रहा है। साथ ही विभिन्न जन-सेवाओं की प्रदाय व्यवस्था को भी और अधिक पुख्ता किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान की जन-कल्याण की सोच का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार जनता को राहत पहुँचाने, फाइलों का बोझ कम करने, पारदर्शिता लाने और गैर-जरूरी प्रमाण-पत्रों की अनिवार्यता को खत्म करने के लिये शासन में ई-गवर्नेंस प्रणाली को लागू किया है। प्रणाली को दिनों-दिन अधिक प्रभावी रूप दिया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 7 नए पोर्टल और 8 लोक सेवा केंद्र प्रारंभ किए हैं। इन पोर्टल से नागरिकों को मिलने वाली जन-सुविधाएँ बढ़ेगी और उनके कार्य आसान होंगे।
गृह विभाग के पोर्टल पर हो सकेगी ई-एफ.आई.आर.
प्रदेश में अब नागरिक ऑनलाइन ही संबंधित पुलिस थाने में चोरी संबंधी ई-एफ.आई.आर. से स्वयं ही रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं। ऐसा केवल ऐसे मामलों में ही किया जा सकता है, जिसमें वाहन चोरी 15 लाख से कम हो, सामान्य चोरी एक लाख से कम हो, आरोपी अज्ञात हो, घटना में चोट नहीं लगी हो तथा बल का प्रयोग नहीं हुआ हो। मध्यप्रदेश पुलिस की वेबसाइट या citizen portal https://citizen.mppolic.gov.in पर स्वयं को रजिस्टर कर रजिस्टर्ड आईडी से लॉगइन करके ही ई-एफ.आई.आर. दर्ज की जा सकती है। ई-एफ.आई.आर. आवेदन पर एफ.आई.आर. दर्ज होने के बाद आवेदक को विभिन्न चरणों की अद्यतन स्थिति एसएमएस एवं ई-मेल से प्राप्त होती रहेगी। आधार ई-साइन की सुविधा, आधार ई-साइन युक्त पावती की ऑनलाइन ई-मेल एवं एसएमएस से प्राप्ति की सुविधा और नागरिक पोर्टल से पीड़ित व्यक्ति को ई-एफ.आई.आर. की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
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